Sunday, June 24, 2018

मोती ग्यान के

मोती ग्यान के
जीतने के लिये प्रेम जीतो !
पीने के लिये क्रोध पीयो !
खाने के लिये गम खाओ !
देने के लिये दान दो !
लेने के लिये ग्यान लो !
कहने के लिये सत्य कहो !
रखने के लिये इज्जत रखो !
फेंकने के लिये ईर्ष्या फेंको !
छोडने के लिये मोह छोडो !
दिखाने के लिये दया दिखाओ !
श्रद्धा स्मारिका २००८ थाने मण्डल

प्रेम वाला

प्रेम वाला इंसान ही दुनिया में निर्माण कर सकता है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज