Sunday, December 21, 2014

आदमी की द्रष्टी दो



  • आदमी की द्रष्टी दो तरह की होती है , एक बस कमी देखता है की उस के पास नहीं है , और दुखी होता है ,दूसरा एक तिनके पर भी खुश है ,जो है उसी में खुश रहता हे  तो वह निराशा में नहीं जीता 

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